Categories
Talent Acquisition

All About ATS(आवेदक ट्रैकिंग सिस्टम) जाने सभी काम के फायदे और नुकसान!

Talent के लिए पहले से कहीं अधिक Competition है और सही talent को ढूंढना recruitment करने वालों के लिए difficult हो रहा है। कम समय में perfect candidate की तलाश करने के साथ recruit करना कठिन हो गया है। इन सभी परेशानियों का एक हल है – “आवेदक ट्रैकिंग सिस्टम – ATS ” जिसे कभी-कभी ई-भर्ती प्रणाली (e-recruiting system) कहा जाता है।

ATS क्या है ?

आवेदक ट्रैकिंग सिस्टम – ATS एक सॉफ्टवेयर है जो हमारी संपूर्ण भर्ती और भर्ती प्रक्रिया को manage करता है। यह भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और समय-समय पर candidate को भर्ती  करने में मदद करता है। नौकरी की requirement  को online post  करने से लेकर ATS भर्ती विभाग में होने वाली सभी activity  पर नज़र रखता है।

all about ATS

ATS कैसे काम करता है ?

जब candidate नौकरी के लिए  online apply करते हैं, तो उनकी contact information, experience, educational background, resume और cover letter database मैं upload  किए जाते हैं।

ATS भर्ती कर्ताओं को candidates review करने, candidates को automated message भेजने की अनुमति देता है, जिससे उन्हें पता चल सके कि उनके आवेदन प्राप्त हुए हैं, और वह online tests दे सकते हैं। Hiring managers एटीएस के माध्यम से interview और mail rejection letters भी भेज सकते हैं। ये integrated systems नियोक्ताओं के लिए सही और कारगर hiring process बनाता है।

पढ़ें – Company के लिए प्रतिभाशाली और कुशल उम्मीदवारों को कैसे करें hire?

ATS के फायदे और नुकसान

फायदे – 

  • Streamline भर्ती प्रक्रिया – भर्ती प्रक्रिया के admin task में लगने वाले  total time को reduce करके precees को speed-up करता है। ATS की मदत से comapany  विज्ञापन देने और हर एक candidates साथ email द्वारा contact करने में  समय बचता है।  ATS यह सब काम कुछ clicks के साथ आसानीसे करता है। यह कंपनी की recruitment  procees को optimise क़र कम time में best results देता है।      
  • भर्ती प्रक्रिया में Quality Improvement – सही keywords  द्वारा  recruiter आसानीसे perfect candidate की पहचान करहायरिंग  recruitment  process में जल्दी आगे बढ़ता है। इसीके  साथ recruiter screening  process में लगनेवाली  सभी प्राथमिक जानकारी आसानीसे ATS द्वारा collect कर लेता है। 
  • मजबूत Employer Brand – ATS continuous और engaging  recruitment है, जिससे employee की मजबूत छवि तैयार होती है। जिसकी मदद से company बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को attract और engage  कर सकती हैं। इसके साथ , भर्ती करने वाले candidate  पर  पर अच्छा प्रभाव छोड़ने और उनकी प्रतिभा को बेहतर बनाने के लिए ब्रांडेड और auto -updated करियर पेज बना सकते हैं।
  • Collaborative भर्ती प्रक्रिया  – इसमें कोई संदेह नहीं है कि recruiter  नई तकनीक की मदद से भविष्य की अच्छी टीमों को प्रभावी रूप से build  कर सकती  हैं। इसके अलावा, ATS कई सुविधाओं के साथ आते हैं जो सहयोगी भर्ती के लिए best हैं। ATS HR टीमों को recuitment का निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण  notes  को साझा करने और उम्मीदवारों को ratings देने की सुविधा देता है। 

नुक़सान 

  •  गलत Keyword Selection  से योग्य आवेदक Applicants का Selection न होना – ATS कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( AI ) का  उपयोग करता है और algorithms की मदत से  candidates के application को categorize है। अगर सही keyword का use  candidate ने  अपने resume में किया है  और recruiter अपने selction process नहीं किया तो सही candidates recruitment से miss हो जायेगा। keyword  का चुनाव  candidates और recruiter के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 
  • Candidate का Automatic Elimination – resume के गलत format के वजह से कुछ candidate का Automatic elimination हो जाता है। उदाहरण  के लिए – कुछ ATS ऐसे  हैं जो  common fonts  से परिचित नहीं हैं। इसलिए, ATS उन  fonts का उपयोग करके बनाए गए सभी  resumes को eliminate कर सकता है, जिन्हें सिस्टम द्वारा मान्यता नहीं है। 

इस तरह, कंपनियों को कई well-qualified candidates से हाथ धोना पड़ता है ।  

  • हेरफेर की संभावना – यह known fact  है कि एटीएस में , किसी भी अन्य device  की तरह, हेर-फेर किया जा सकता  है। जो candidate ATS की फ़िल्टरिंग तकनीक से अच्छी तरह वाकिफ हैं, वह इसका दुरुपयोग कर सकते हैं और भर्ती प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं। उम्मीदवार resume में use  किये keywords के साथ select होने के लिए योग्य है या नहीं, इसके बावजूद selection process में आगे आ सकते है ।  ATS का ऐसा हेरफेर व्यवसायों और योग्य उम्मीदवारों के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है।

नौकरी से जुडी सभी खोज के आप joble.in  का उपयोग कर सकते है।

निष्कर्ष : हर technology के कुछ फायदे और नुकसान होते। उन सब का तालमेल बनाते हुए हमें उन तकनीक का  सही इस्तेमाल करना होता है। ATS पूरे रूप से keyword पर  निर्भर है, फिर चाहे वह candidates हो या recruiters। सही keyword की पहचान करें और  ATS का लाभ उठाये। 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

www.000webhost.com