Categories
Talent Acquisition

Cognitive bias संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह कैसे हमें प्रभावित करती है ?

मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है लेकिन उसके सोचने और समझने की सीमाएं है। Cognitive bias याने संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह। Objective सोच से परे जो हमारे personal experience और पसंद अनुसार न्याय करते समय तर्क से भटक जाना  इसी को cognitive bias कहा जाता है। Simple शब्दों में कहे तो बिना सोचे-समझे किसी का अनुसरण करना या भेड़चाल में शामिल होना। 


हर व्यक्ति cognitive biases दिखाता है। यह दूसरों के प्रति कहना और बोलना आसान हो सकता है, की वह biases हैं। लेकिन यह स्वयं के बारे सोचना थोड़ा कठिन है। यह कुछ ऐसा है जो हमारी  सोच को influence करता है।

कुछ संकेत जो संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह से प्रभावित लोगों में हो सकते हैं, जैसे –

  • केवल उन news या उन लोगों के statements  पर ध्यान देना जो आपकी opinions से match करते हो 
  • चीजों या लोगों को दोष देना जो आपके विचारों से नहीं मिलते 
  • किसी भी काम में personal credit लेना 
  • किसी subject पर  बिना experty अपना opinion  देना जैसे आप सब जानते और समझते हो
cognitive bias

Cognitive Bias के कारण 

Bias याने पूर्वाग्रह, यह एक तरह की प्रवृत्ति है। और यह हर एक इंसान में होती है। इसी  वजह से यह महत्वपूर्ण है की हम अपने अपने स्वयं के पूर्वाग्रहों से अवगत हो। हमें यह जानना होगा कि हमारा  bias होना हमारे किसी निर्णय को प्रभावित तथा  दूसरों के साथ गलत व्यवहार करने के लिए भी प्रेरित कर सकता हैं। Cognitive biases होने के कई सारे अलग-अलग कारण हो सकते है जैसे –

  • उम्र और संस्कृति(Age and culture) 
  • सामाजिक दबाव (Social pressures)
  • भावनाएँ (Emotions) 
  • व्यक्तिगत प्रेरणा (Individual motivation)
  • बुद्धि की सोचने और समझने की सीमा(Limits on the mind’s ability to process information)
  • हमारी सदियों पुरानी सोच 

Cognitive Bias के  प्रकार

ध्यान एक सीमित resource है। इसका मतलब है कि हम विचार और राय बनाते समय हर संभव विवरण और घटना का मूल्यांकन नहीं कर सकते हैं। इस वजह से, हम निर्णय लेते वक्त bias हो जाते है।

Cognitive biases काफी प्रकार के देखने मिलते है , जिनमेंसे कुछ निचे दिए है – 

  • आशावाद पूर्वाग्रह(Optimism Bias) – हमारी यह  tendency होती है की जिसमे  अच्छी चीजें के साथ नकारात्मक घटनाएं भी हमारे जीवन को प्रभावित करती है। Essentially, हम अपने लिए बहुत आशावादी होते हैं, पर साथ ही बुरी चीजों की संभावना ओ से  प्रभावित भी  होते है। उदाहरण के लिए, जैसे: बीमारी, मौत। इस की जड़ें उपलब्धता में होती हैं। हम अन्य लोगों के साथ होने वाली बुरी चीजों के उदाहरणों के बारे में सोचते हैं, और वह हमारे जीवन को जोड़कर उन्ही नकारात्मक घटनाओं से प्रभावित होते  है ।
  • स्थिरक प्रभाव(Anchoring Effect) – हमारे द्वारा सुनी जाने वाली जानकारी के पहले भाग  से अत्यधिक प्रभावित होने की प्रवृत्ति है। यह कैसे काम करता है इसके उदाहरण के लिए, जैसे:  रोगों का निदान करते समय डॉक्टर Anchoring Effect के लिए अतिसंवेदनशील होते है।
  • पुष्टि पूर्वाग्रह(Confirmation Bias) – हमारे मौजूदा विश्वासों की पुष्टि करने वाली जानकारी को अधिक बार सुनने या जानने की प्रवृत्ति है। इस पूर्वाग्रह के माध्यम से, लोग उन जानकारियों का पक्ष लेते हैं जो उन चीजों की  पुष्टि करती हैं जो वे पहले से सोचते या मानते हैं। उदाहरण के लिए, जैसे:  सोशल मीडिया पर केवल उन लोगों को follow करना जो आपके जैसे सोचते हैं।

उपर दिए  संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह आम है, लेकिन यह केवल कई पूर्वाग्रहों का sample है जो आपकी thinking को प्रभावित कर सकता है। ये पूर्वाग्रह सामूहिक रूप से हमारे विचारों और decision को प्रभावित करते हैं।

निर्णयों को प्रभावित करने वाले factors पर ध्यान देकर और मत बनाने से पहले स्थिति को समझ कर हम bias होने से aware  हो सकते है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

www.000webhost.com